Sunday, May 17, 2020

मेरे उम्र की लड़कियां

कविता:- मेरे उम्र की लड़कियां 


मुझे देख कर आज मेरे उम्र की हर लड़कियां मुस्कुरातीं है 

उसकी निगाहें मेरी तलाश में कभी चौराहों पर 

तो कभी मेरी छत की बालकनी तक चली आती है 


जब कभी करीब से वो गुजरें 

तो ऐसा नहीं है कि वो हमसे नजरें चुराती है 

बल्कि वह अपनी निगाहें हमारी आंखों में डाल कर मुसकुरातीं है 


यह आग सिर्फ उनके सीने में ही नहीं 

कभी उनके दीदार की चाहत मेरे दिल को भी जला जाता है 

इसलिए तो मेरा दिल कभी मुझे सड़कों पर निकाल लाता है 


उनके होंठों पर एक अलग सी मुस्कान होती है 

जब मुसकुरातीं हैं वो तो उनके एक मुसकान पर 

फ़िदा सारा जहान होती है  


मेरे उम्र की हर लड़कियों का मुझ पर एक इल्जाम होता है 

मेरे मुसकुराने पर हमें दीवाना कहना उनका काम होता है।।



About its creation:-

उमंगों का कारण कोई बन जाता है जिससे कविता की रचना हो जाती है एक दिन की बात है जब सुबह अचानक मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी मैं उसे जानता था इतना तो नहीं कि मैंने उससे कभी बात की हो उससे मेरा नाता सिर्फ एक मुस्कान का था इसलिए उसने मुसकुराया जब मैंने उसे मुसकुराते हुए देखा तब मेरे चेहरे के चारों तरफ उमंगों की एक लहर दौड़ पड़ी उमंगों का जोरदार धमाका हम निम्न शायरी से लगा सकते हैं  

                 “हमारे मिलने पर मैंने एक शायरी लिखी है 

                     कल से मैंने एक डायरी लिखी है 

                     उस डायरी में मैंने तेरा नाम लिखा है 

                    मुहब्बत के दीवानों को पैगाम लिखा है 

    आज से और अब से कोई दीवाना नहीं लेगा लैला-मजनू का नाम 

     क्योंकि उनसे भी बुरा मैंने अपनी मुहब्बत का अंजाम लिखा है”

 

यह कवियों की प्रकृति होती है की उसे अपनी उमंगों को भूलना पड़ता है या फिर वह खुद ही विस्मरणीय हो जाती हैं।

लड़कियां हमारे जीवन में एक प्रेरणा की तरह होती हैं अगर हमारा उद्देश्य है कि हमें पूरी दुनियाँ पर विजय करना है तो यह केवल उनकी प्रेरणा से संभव है अगर हम अपने मन में यह विश्वास कर लें कि उनका साथ हमें मिल जाएगा तो हम पूरी दुनियाँ पर विजय पा लेंगे और यह कोई ऐसी वैसी ताकत नहीं होगी यह उनके प्रति हमारे चाहत की ताकत होगी हमारे मुहब्बत की ताकत होगी और मुहब्बत बहुत ताकतवर होता है अगर हम चाहेंगे कि हमें बस उनका साथ चाहिए और हम अपने सभी उद्देश्यों को छोड़कर उनके पीछे लग जायें तो यह हमारे लिए रास्ते से भटक जाने जैसा होगा कहते हैं प्यार का प्रमाण नहीं होता है ना हो सही मगर इम्तहान जरूर होता है और इस इम्तहान को देने के लिए कौन कैसा रास्ता अपनाता है यह देखना जरूरी होता है ।



Thought:-किसी को देखकर मुसकुराना गलत नहीं है मुसकुराना शांति का प्रतीक है यह नज़रिए पर निर्भर करता है कि आप किस नजर से देख कर किसी को मुसकुराते हैं नजरे सब बयां कर देती हैं।

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