Saturday, February 28, 2026

बिहार के गौरव लौटईय्य कइसे ?

 कविता:- बिहार के गौरव लौटईय्य कइसे ? 



बिहार के गौरव लौटईय्य कईसे? 

मगध के रजधानी बनईय्य कईसे?

कईसे दिलय्य हम मगही के सम्मान 

जे हलय 'बोली' भाषा 'पालि' के शान 


हां उहे 'पलिया' भषवा जेकरा में 

देलखिन भगवान बुध उपदेशवा

सम्राट अशोक लिखवईलखिन 

जेकरा में सहस्त्र शिलालेखवा


कहलकय वभनमा-पंडितवो कहलकय 

जे जन्मों नय पईलेहल ओकरा मरल बतइलकय 

खूब रोलय गईलकय झूंठे लोर बहयलकय

जेकर कोई प्रमान नय हय ओकरा प्राचीन बतइलकय 


के कह हकय संस्कृत भाषा हय प्राचीन 

हम कह हिय्य, इ ! हय पालि के रूप संस्कारित, 

इ सवाल उठा के हम संस्कृत के कम नय आंक हिय्य 

हम तो मगध के गौरवशाली इतिहास में झांक हिय्य 


कईसे बिहार के गौरवशाली इतिहास के मिटावल गेलय 

कईसे अशोक महान और भगवान बुध के विसरावल गेलय 

विसरा देवल गेलय 'जातक' में तथागत के जन्म के कहानी 

हम याद दिलाव हकिय्य, हकय धम्मपद में बुध के वाणी । 

बिहार के गौरव लौटईय्य कइसे ?

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